नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस नए पोस्ट में, आज हम आपके लिए लाए हैं बहुत ही खूबसूरत Ajnabi Shayari Love, जो आपको बहुत पसंद आएगी। दोस्तों आप हर रोज ना जाने कितने ही Ajnabi लोगों से मिलते झूलते रहते है।
लकिन आपको कभी ऐसा अजनबी मिल जाता है जिसको आपको हर रोज मिलने को मन करता है।
और उसके साथ समय बिताने का उसको अपना बनाने को दिल चाहता है। कुछ ऐसे ही अजनबी लोगो के लिए अजनबी शायरी का सबसे अच्छा संग्रह लेकर आये है, जो की आपको बहुत पसंद आयेगा। इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे। दोस्तों अगर आप भी इसी तरह की Ajnabi Shayari Love गूगल पर रोज़ ढूंढ़ते हो तो आप हमारी वेबसाइट को बुकमार्क कर सकते हो जिससे की आपको कभी भी कोई स्टेटस या शायरी पढ़ने में परेशानी नहीं होगी।
Contents
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ajnabi shayari
हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले!!
अजनबी जैसे ✒ अजनबी से मिले!!
जिस तरह आप हम से मिलते हैं!!
आदमी यूँ न आदमी से मिले!!
आज हम रो दिए इसलिए माफी चाहते है!!
पर हमारे सहने कि हद यही तक थी!!
एक अंजान शायर!!
लगने लगते है अपने भी पराये!!
और एक अजनबी पर ऐतवार हो जाता है!!
खुदा तेरी हर दुआ कुबूल करे!!
जिस चाहे तु हमसे आजाद होना!!
उस दिन तेरे सामने ही हम मरे!!
Ajnabi Shayari Love
सदियों बाद उस अजनबी से मुलाक़ात हुई!!
आँखों ही आँखों में चाहत की हर बात हुई!!
बदल लेंगे हम खुद को इतना!!
की तुम भी न पहचान पाओगे हमें!!
अगर कभी सोचोगे हमारे बारे में!!
हमें पूरी तरह अजनबी पाओगे!!
हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले!!
अजनबी जैसे अजनबी से मिले!!
जिस तरह आप हम से मिलते हैं!!
आदमी यूँ न आदमी से मिले!!
अजनबी कोई समझ लेता है!!
कोई अन्जान समझ लेता है!!
दिल है दीवाना!!
हर तबस्सुम को जान पहचान समझ लेता है!!
कोई अजनबी ख़ास हो रहा है!!
लगता है फिर प्यार हो रहा है!!
एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है!!
इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है!!
उससे मिलना तो तकदीर मे लिखा भी नही!!
फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है!!
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Best Killer Gangster Shayari in Hindi 2 line
anjaan shayari
आज कल वो हमसे डिजिटल नफरत करते हैं!!
हमें ऑनलाइन देखते ही ऑफलाइन हो जाते हैं!!
एक अजनबी से मुझे इतना प्यार क्यों है!!
इंकार करने पर चाहत का इकरार क्यों है!!
उससे मिलना तो तकदीर मे लिखा भी नही!!
फिर हर मोड़ पे उसी का इंतज़ार क्यों है!!
कल तक तो सिर्फ़ एक ✒ अजनबी थे तुम!!
आज दिल की हर एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी!!
अजनबी बन के हँसा करती है!!
ज़िंदगी किस से वफ़ा करती है!!
क्या जलाऊँ मैं मोहब्बत के चराग़!!
एक आँधी सी चला करती है!!
जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का!!
वहां से अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा है!!
Ajnabi Shayari Love
हम तो यूँ अपनी ज़िन्दगी से मिले!!
अजनबी जैसे अजनबी से मिले!!
जिस तरह आप हम से मिलते हैं!!
आदमी यूँ न आदमी से मिले!!
महफ़िलों में फिरता रहता हूँ ✒ अजनबी सा!!
तन्हाइयों में भी तन्हाईयाँ नसीब नहीं होती!!
दिल चाहता है कि फ़िर अजनबी बन!!
कर देखें ,तुम तमन्ना बन जाओ!!
हम उम्मीद बन कर देखें!!
कौन कहता है न ग़ैरों पे तुम इमदाद करो!!
हम फ़रामोशियों को भी कभू याद करो!!
अजीब किस्सा है जिंदगी का!!
यहां अजनबी हाल पूछते हैं और!!
अपनों को खबर ही नहीं!!
ajnabi quotes in hindi
उस मोड़ से शुरू करनी है फिर से जिंदगी!!
जहाँ सारा शहर अपना था और तुम अजनबी!!
मुझे इस बात का गम नहीं कि बदल!!
गया ज़माना मेरी जिंदगी तो सिर्फ तुम हो!!
कहीं तुम ना बदल जाना !!
तेरा नाम था आज किसी अजनबी की ज़ुबान पे!!
बात तो ज़रा सी थी पर दिल ने बुरा मान लिया!!
जब भी मिलती है अजनबी सी लगती है!!
ना जाने क्यूँ हर रोज़ ये जिन्दगी इतने रंग बदलती है !!
चलते चलते बस यही सोचते है मेरे कदम की!!
किस तरफ मुड जाऊ तो मुझे तू मिल जाये!!
Ajnabi Shayari Love
उन्हें तो आता है हमारे बगैर खुश रहना!!
पर हमारा क्या,हमारी तो खुशी ही वो है!!
अंजान शायर!!
मैं खुद भी अपने लिए अजनबी हूं!!
मुझे गैर कहने वाले तेरी बात मे दम है!!
कोई अजनबी फिर से ख़ास हो रहा है!!
लगता है मोहोब्बत हो गई फिर से ऐसा!!
एहसास हो रहा है!!
हमसे मत पूछिए जिंदगी के बारे में!!
अजनबी क्या जाने ✒ अजनबी के बारे में!!
आज कल उन्हें हमारी बातें पसंद नहीं आती!!
जिनकी सुबह हमारी बातों से और!!
रात हमारी बातों से गुजरती थी!!
ajnabi shayari in hindi
मैं खुद भी अपने लिए अजनबी हूं!!
मुझे गैर कहने वाले तेरी बात मे दम है!!
ख़ुद को कितना भुला दिया मैंने!!
तू भी अब अजनबी सा लगता है!!
हमसे मत पूछो जिंदगी के बारे मे!!
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे!!
मैं तो खुद अपने लिए अजनबी हूँ तू बता!!
मुझ से जुदा हो कर तुझे कैसा लगा!!
ग़ैर को या रब वो क्यूँकर मन-ए-गुस्ताख़ी करे!!
गर हया भी उस को आती है तो शरमा जाए है!!
Ajnabi Shayari Love
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है!!
लोग बहुत तकलीफ देते है!!
अक्सर अपना बना कर!!
हमारे रिश्तों के सब सपने टूट गए!!
उनकी यादों में खुद को हम खो गए!!
अजनबी शहर में एक दोस्त मिला!!
वक्त नाम था पर जब भी मिला मजबूर मिला!!
काश की मिल जाए मुझे मुक़द्दर की कलम!!
लिख दू लम्हा लम्हा खुशी एक अजनबी की ज़िन्दगी के लिए!!
अजनबी था तो मेरे जवाबों पर तुम्हे यकीन था!!
कम्बख्त जान का सबब बन गयी है ये जान पहचान!!
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इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है!!
लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है!!
हमसफ़र की तरह वो चला था मगर!!
रास्ते भर रहा अजनबी अजनबी!!
बेनाम आरजू की वजह ना पूछिए!!
कोई ✒ अजनबी था रूह का दर्द बन गया!!
हमसे मत पूछिए जिंदगी के बारे में!!
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे में!!
एक अजनबी से बात क्या की कयामत हो गयी हैं!!
सारे शहर को चाहत की खबर हो गयी हैं!!
क्यों ना दोष दूँ दिले नदान को!!
दोस्ती का इरादा था और उनसे मोहब्बत हो गयी हैं!!
Ajnabi Shayari Love
हमसे मत पूछो यारो उनके बारे मे!!
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे!!
उसकी हर एक शिकायत देती है!!
मुहब्बत की गवाही!!
अजनबी से वर्ना कौन हर बात पर तकरार करता है!!
हमसफ़र की तरह वो चला था मगर!!
रास्ते भर रहा अजनबी अजनबी!!
उस अजनबी से हाथ मिलाने के वास्ते!!
महफ़िल में सब से हाथ मिलाना पड़ा मुझे!!
मंजिल का नाराज होना भी जायज था!!
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे!!
anjan ladki ke liye shayari
तुम पूछ लेना सुबह से!!
न यकीन हो तो शाम से!!
ये दिल धड़कता है तेरे ही नाम से!!
अजीब हाल में पहुंच गई है जिंदगी!!
अब ना कोई अजनबी रहा ना कोई अपना!!
कितनी ✒ अजनबी हैं ये रातें ये दिन!!
बेगानी सी लगती हैं तुम बिन!!
क्यों तलास्ते हो खूबी मुझमें ये खूबी!!
क्या कम है की तुम मेरे हो!!
खोज़ना है किसी अपने को पर!!
गया है वो चेहरे पे चेहरा लगाकर!!
बेगाना तो नहीं पर कैसे कहूं अपना!!
जो गया है मुझे अजनबी बनाकर!!
Ajnabi Shayari Love
मुस्कुराना आदत है हमारी!!
वरना जिंदगी तो हमसे भी नाराज है!!
वक्त ने बदल दी, तेरे मेरे रिश्ते की परिभाषा!!
पहले दोस्ती, फिर अपनापन!!
और अब अजनबी सा अहसास!!
मंजिल का नाराज होना भी जायज था!!
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे!!
तुम रूठे हो और, मुझे मनाना नही आता!!
सब कुछ तो कह दिया!!
अब कुछ कहा नही जाता सुनों!!
मै थक गयी हूँ, अब बस भी करो!!
मेरी बहती निग़ाहों को थाम लो!!
कहीँ मे मर ना जाऊँ तुम्हारे बिना!!
उसके पहले ही अपनी बाहों में मुझे बांध भी लो!!
हमसे मत पूछो यारो उनके बारे मे!!
अजनबी क्या जाने अजनबी के बारे मे!!
ajnabi ke liye shayari
अजनबी शहर में एक दोस्त मिला!!
वक्त नाम था पर जब भी मिला मजबूर मिला!!
इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है!!
लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है!!
तेरे इश्क में में इस तरह नीलाम हो जाऊँ!!
आखरी हो तेरी बोली और में तेरे नाम हो जाऊ!!
कुछ बोलता नहीं फिर भी सवाल करता है!!
उसके गाल का तिल बवाल लगता है!!
उसकी हर एक शिकायत देती है मुहब्बत की गवाही!!
अजनबी से वर्ना कौन हर बात पर तकरार करता है!!
Ajnabi Shayari Love
तुम्ही आकर थाम लो मुझे सब ने!!
छोड़ दिया है तुम्हारा समझ कर!!
हमसफ़र की तरह वो चला था मगर!!
रास्ते भर रहा ✒ अजनबी अजनबी!!
हमे तो राह तकने से मतलब है!!
मसला तुम्हारा है ,की तुम किस गली से आओगे!!
हाल पूछने कल फोन किया तो!!
रिंग बजते ही काट दिया!!
अनजान बनकर आज संदेश भेजा तो!!
फिर घंटो बात किया!!
इस कदर पास हो मेरे दिल के!!
मुझे दूरियां का एहसास नही होता!!
ajnabi shayari 2 lines
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है!!
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर!!
मसला यह नहीं कि प्यार है!!
मसला तो यह है की आज भी तुझसे है!!
सब कुछ आसानी से मिल जाये!!
ऐसा कभी मेरा नसीब ना रहा!!
सुख दुःख में बराबर का हिस्सा बनें!!
इतना कोई मेरे करीब ना रहा!!
तुम्हे एक बार फिर से देखना चाहता हु!!
इससे पहले की शहर में lockdown लग जाए!!
चेहरे ✒ अजनबी हो भी जायें तो कोई बात नहीं!!
लेकिन रवैये ✒ अजनबी हो जाये तो!!
बड़ी तकलीफ देते हैं!!
Ajnabi Shayari Love
वो अपनी सहेली से कुछ इस कदर तो कहती होगी!!
मुझसे जो लड़का मोहब्बत करता है वो शायर है!!
कल तक सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम!!
आज दिल की एक एक धड़कन की बंदगी हो तुम!!
अजनबी कोई समझ लेता है!!
कोई अन्जान समझ लेता है!!
दिल है दीवाना !!
हर तबस्सुम को जान पहचान समझ लेता है!!
यू हम पर तरस ना दिखाया करो!!
अजनबी तेरी मेहरबानीयां!!
हमें महंगी पड सकती हैं!!
एक तेरे फर्क ना पड़ने से!!
बहुत फर्क पड़ता है मुझे!!
अजनबी पर शायरी
आज खुद को इतना तन्हा महसूस किया!!
जैसे लोग दफना कर चले गएहों!!
हमने सोचा हम आपकी जिंदगी का एक हिस्सा है!!
पर आपने तो हमे किस्सा समझ कर भुला भी दिया!!
बदल लेंगे हम खुद को इतना की!!
तुम भी न पहचान पाओगे हमें!!
अगर कभी सोचोगे हमारे बारे में!!
हमें पूरी तरह ✒ अजनबी पाओगे!!
खुश नहीं है हम फिर भी!!
खुश रहने की कोशिश करते है!!
हम गरीब है पर तुझे पाने की!!
महंगी ख्वाहिश रखते है!!
ऐसा न हो कि ताज़ा हवा अजनबी लगे!!
कमरे का एक-आध दरीचा खुला भी रख!!
Ajnabi Shayari Love
वह वाकिफ मेरे हाल से कि मैं बेचैन इस रात से!!
वह शातिर अपने अंदाज से मैं अनजान उसकी चाल से!!
अजनबी कोई समझ लेता है!!
कोई अन्जान समझ लेता है
दिल है दीवाना, हर तबस्सुम को जान पहचान समझ लेता है!!
अनजान ही अच्छे होते है साहब!!
जानने वाले दिल बहुत दुखाते है!!
हम कुछ ना कह सके उनसे!!
इतने जज्बातों के बाद!!
हम अजनबी के अजनबी ही रहे!!
इतनी मुलाकातो के बाद!!
अगर तुम अजनबी हो तो लगते क्यों नहीं!!
और अगर मेरे हो तो मिलते क्यों नहीं!!
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मेरी आँखों से बहने वाला ये आवारा सा आसूँ!!
पूछ रहा है पलकों से तेरी बेवफाई की वजह!!
मंजिल का नाराज होना भी जायज था!!
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे!!
जहाँ भूली हुई यादें दामन थाम लें दिल का!!
वँहा से ✒ अजनबी बन कर गुज़र जाना ही अच्छा!!
वजह पुछने का तो मौका ही कहाँ मिला!!
वो लहजे बदलते गये!!
और हम अजनबी बनते गये!!
मैं तो खुद अपने लिए अजनबी हूँ!!
तू बता मुझ से जुदा हो कर तुझे कैसा लगा!!
Ajnabi Shayari Love
सदियों बाद उस अजनबी से मुलाक़ात हुई!!
आँखों ही आँखों में चाहत की हर बात हुई!!
वजह तक पूछने का मौका ही ना मिला!!
बस लम्हे गुजरते गए और हम अजनबी होते गए!!
कल तक तो सिर्फ़ एक अजनबी थे तुम!!
आज दिल की हर एक धड़कन पर हुकूमत है तुम्हारी!!
दिल चाहता है कि फ़िर अजनबी बन कर देखें!!
तुम तमन्ना बन जाओ!!
हम उम्मीद बन कर देखें!!
चले आओ अजनबी बनकर फिर से मिले!!
तुम मेरा नाम पूछो मैं तुम्हारा हाल पूछूं!!
अजनबी
न जाने इतनी मोहब्बत कहाँ से आ गयी उस अजनबी के लिए!!
की मेरा दिल भी उसकी खातिर अक्सर मुझसे रूठ जाया करता है!!
इस अजनबी शहर में पत्थर कहां से आया है!!
लोगों की भीड़ में कोई अपना ज़रूर है!!
मेरे अज़ीज़ ही मुझ को समझ न पाए हैं!!
हम अपना हाल किसी ✒ अजनबी से क्या कहते!!
इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है!!
लोग बहुत तकलीफ देते है!!
अक्सर अपना बना कर!!
Ajnabi Shayari Love
तेरी यादो का तो बसेरा है मुझमें!!
कभी तुम भी आ जाना वक़्त रोक कर मिलने अनजान से!!
जान तक का सफ़र तो नाप आये हम!!
पर रहना होगा यहाँ अजनबी बन कर फिरसे!!
कितनी अजनबी हैं ये रातें ये दिन!!
बेगानी सी लगती हैं तुम बिन!!
मंजिल का नाराज होना भी जायज था!!
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे!!
अगर दोस्त ना मिलते तो कभी यकीन नहीं होता की!!
अजनबी लोग भी अपनों से ज्यादा प्यारे हो सकते है!!
साथ रहते यूँ ही वक़्त गुजर जायेगा!!
दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा!!
जी लो ये पल जब तक साथ है दोस्तों!!
कल क्या पता वक़्त कहाँ ले के जायेगा!!
Ajnabi Shayari Love
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Note :-
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